Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare एक राजस्थानी शैली का गणेश भजन है जो भोले शंकर के प्यारे पुत्र श्री गणेश जी की महिमा में गाया जाता है। इसमें माँ पार्वती और भगवान शिव की आँखों के तारे गणेश जी को प्रेम से बुलाया गया है। नीचे आपको Hindi और English Transliteration दोनों में पूरे verified lyrics मिलेंगे।
एक भजन जो माँ की ममता और भक्त की पुकार दोनों है
जब कोई भजन आपको पहली बार सुनते ही रुला दे और दूसरी बार सुनते ही मुस्कुरा दे तो समझिए वो सिर्फ गीत नहीं, एक अनुभव है।
Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare Lyrics ऐसे ही एक भजन के बोल हैं। इस भजन में गणेश जी को उनके माता-पिता भगवान शिव और माँ पार्वती की आँखों का तारा बताया गया है। “भोले बाबा जी की आँखों के तारे” इस एक पंक्ति में पूरे ब्रह्मांड का वात्सल्य समाया है।
यह भजन राजस्थानी लोक-भक्ति परंपरा की उस धारा से आता है जहाँ भगवान से दूरी नहीं, बल्कि बेहद अपनापन होता है। गणेश जी को “लाडले” कहना यानी लाड-प्यार से पले हुए यही इस भजन की असली आत्मा है।
बहुत से भक्त इसे गणेश चतुर्थी, गृह प्रवेश, और मांगलिक अवसरों पर गाते हैं। और यही वजह है कि Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare Bhajan Lyrics आज भी लाखों श्रद्धालुओं की जुबान पर है।
Overview — गाने की जानकारी एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Song Title | मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे (Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare) |
| Genre | गणेश भजन / Devotional / Rajasthani Bhajan |
| Singer | लखबीर सिंह लखा (Lakhbir Singh Lakha) |
| Composer | पारंपरिक राजस्थानी शैली / Traditional |
| Lyricist | पारंपरिक भक्ति परंपरा |
| Album / Film | एल्बम — श्री गणेश भजन (Shri Ganesh Bhajan) |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Occasion | गणेश चतुर्थी, गणेशोत्सव, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य |
| Mood | आस्था, प्रेम, आनंद, श्रद्धा |
| Deity | श्री गणेश जी / Shri Ganesh Ji |
Disclaimer: ये lyrics BhaktiBharat.com के verified sources से ली गई हैं और पूर्णतः मूल हैं। ये lyrics गायक लखबीर सिंह लखा की मूल रचना की संपत्ति हैं। यहाँ ये lyrics केवल भक्ति-प्रचार और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रस्तुत की गई हैं।
गायक और रचनाकार के बारे में
लखबीर सिंह लखा यह नाम हिंदी भजन जगत में किसी परिचय का मोहताज नहीं। पंजाब की धरती पर जन्मे लखबीर जी ने अपनी आवाज़ से करोड़ों भक्तों के दिलों में भक्ति का दीया जलाया है।
उनकी खासियत यह है कि वो किसी भी देवी-देवता के भजन को इतनी तल्लीनता से गाते हैं कि सुनने वाला खुद भी उसी भाव में डूब जाता है। गणेश जी, माँ दुर्गा, श्री राम, श्री कृष्ण हर रूप में उनकी आवाज़ एकसार और प्राणवान है।
Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare में उनकी आवाज़ की मिठास और राजस्थानी ताल का संगम यही इसे अलग बनाता है।
यह भजन राजस्थानी भक्ति परंपरा की उस शैली में है जहाँ सुर, भाव और ताल तीनों मिलकर एक अलग ही आध्यात्मिक वातावरण बनाते हैं।
मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे — Hindi Lyrics (हिंदी लिरिक्स)
मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे
भोले बाबा जी की आँखों के तारे
प्रभु सभा बीच में आ जाना आ जाना
॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥
तेरी काया कंचन कंचन,
किरणों का है जिसमे बसेरा।
तेरी सूंड सुंडाली मूरत,
तेरी आँखों मे खुशियों का डेरा।
तेरी महिमा अपरम्पार,
तुझको पूजे ये संसार।
प्रभु अमृत रस बरसा जाना, आ जाना।
॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥
प्रभु भजन तुम्हारे गाएं,
सबसे पहले हम तुमको मनाएं।
धुप दीपो की ज्योति जलाएं,
मन मंदिर मे झांकी सजाएं।
मेरे भोले भगवान,
दे दो भक्ति का दान।
प्रभु नैया पार लगा जाना, आ जाना।
॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥
मेरे विधन विनाशक देवा,
सबसे पहले करें तेरी सेवा।
सारे जग मे आनंद छाया,
बोलो जय जय गजानंद देवा।
बाजे सुर और ताल,
तेरा गुण गाये संसार।
घुंघरू की खनक खनक जाना, आ जाना।
॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥
Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare Lyrics in English (English Transliteration)
Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare
Bhole Baba Ji Ki Ankhon Ke Tare
Prabhu Sabha Bich Mein Aa Jaana Aa Jaana
॥ Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare ॥
Teri Kaya Kanchan Kanchan,
Kiranon Ka Hai Jisme Basera.
Teri Soond Sundali Murat,
Teri Ankhon Me Khushiyon Ka Dera.
Teri Mahima Aparampar,
Tujhko Puje Ye Sansar.
Prabhu Amrit Ras Barsa Jaana, Aa Jaana.
॥ Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare ॥
Prabhu Bhajan Tumhare Gayen,
Sabse Pahale Ham Tumko Manaen.
Dhup Deepo Ki Jyoti Jalaen,
Man Mandir Me Jhanki Sajaen.
Mere Bhole Bhagwan,
De Do Bhakti Ka Daan.
Prabhu Naiya Paar Laga Jaana, Aa Jaana.
॥ Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare ॥
Mere Vidhan Vinashak Deva,
Sabse Pahale Karen Teri Seva.
Sare Jag Me Anand Chhaya,
Bolo Jay Jay Gajanand Deva.
Baje Sur Aur Taal,
Tera Gun Gaye Sansar.
Ghunghru Ki Khanak Khanak Jaana, Aa Jaana.
॥ Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare ॥
भावार्थ — हर अंतरे का गहरा मतलब
मुखड़ा — प्रेम की पुकार
“मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे, भोले बाबा जी की आँखों के तारे” यहाँ भक्त गणेश जी को माता-पिता की दृष्टि से देख रहा है। “लाडले” शब्द में माँ पार्वती का वात्सल्य छिपा है और “भोले बाबा जी की आँखों के तारे” में पिता शिव का गर्व।
जो भक्त यह भजन गाता है, वो खुद भी उसी भाव में आ जाता है जैसे वो भी गणेश जी का एक स्नेही है जो उन्हें प्रेम से बुला रहा है सभा में आने के लिए।
पहला अंतरा — सुनहरी काया और अपरम्पार महिमा
“तेरी काया कंचन कंचन, किरणों का है जिसमे बसेरा” गणेश जी के शरीर की स्वर्णिम आभा का वर्णन। “कंचन” यानी सोना गणपति की मूर्ति हमेशा से सोने-चाँदी जैसी दमकती हुई मानी जाती है।
“तेरी सूंड सुंडाली मूरत” — सूंड वाली अनोखी मूर्ति का प्रेमपूर्ण वर्णन। हिंदू मान्यता में हाथी की सूंड शुभता और बुद्धि का प्रतीक है।
“तेरी महिमा अपरम्पार, तुझको पूजे ये संसार” — यहाँ भक्त स्वीकार करता है कि गणेश जी की महिमा की कोई सीमा नहीं। पूरी सृष्टि उनकी पूजा करती है।
“प्रभु अमृत रस बरसा जाना” — एक कोमल विनती हे प्रभु, अमृत की वर्षा करते हुए आ जाओ।
दूसरा अंतरा — पूजा और भक्ति का संकल्प
“प्रभु भजन तुम्हारे गाएं, सबसे पहले हम तुमको मनाएं” — यह पंक्ति हिंदू परंपरा की उस मान्यता को दर्शाती है कि हर शुभ कार्य में गणेश जी की पूजा सबसे पहले होती है। “अग्रपूज्य” गणेश — यही संदेश है।
“धुप दीपो की ज्योति जलाएं, मन मंदिर में झांकी सजाएं” — यहाँ बाहरी पूजा और अंतरमन की भक्ति दोनों का सुंदर संगम है।
“प्रभु नैया पार लगा जाना” — जीवन की नैया को पार लगाने की प्रार्थना। सांसारिक कठिनाइयों में गणेश जी से मार्गदर्शन की याचना।
तीसरा अंतरा — विघ्नहर्ता की जय
“मेरे विधन विनाशक देवा, सबसे पहले करें तेरी सेवा” — “विघ्नविनाशक” गणेश जी का सबसे प्रसिद्ध रूप। हर बाधा को दूर करने वाले देव की सेवा में समर्पण।
“सारे जग में आनंद छाया, बोलो जय जय गजानंद देवा” — “गजानंद” गज यानी हाथी और आनंद हाथी के मुख वाले आनंद के देव। यह पंक्ति पूरी सभा को एक साथ जयकारे में जोड़ती है।
“घुंघरू की खनक खनक जाना” — घुंघरू की मधुर ध्वनि के साथ आने की विनती जैसे उत्सव में नृत्य करते हुए पधारो।
संगीत रचना — ताल, सुर और भाव का त्रिवेणी संगम
इस भजन की सबसे बड़ी ताकत इसकी सादगी और लय है।
राजस्थानी ठेका — इस भजन में जो ताल है, वो पारंपरिक राजस्थानी भजन शैली की पहचान है। यह ताल ऐसी है कि सुनते-सुनते अनायास ही सिर हिलने लगता है।
लखबीर सिंह लखा की आवाज़ — उनकी आवाज़ में एक खास मिठास है जो “प्यारे प्यारे” जैसे शब्दों को और भी कोमल बना देती है। जब वो “आ जाना आ जाना” दोहराते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे कोई माँ अपने बच्चे को बुला रही हो।
पुनरावृत्ति का महत्व — “आ जाना, आ जाना” और “खनक खनक जाना” जैसी पुनरावृत्ति भजन में वो सम्मोहन पैदा करती है जो श्रोता को ध्यानावस्था में ले जाती है। यही भजन-गायन की असली शक्ति है।
घुंघरू की कल्पना — तीसरे अंतरे में “घुंघरू की खनक” का जिक्र भजन में एक श्रव्य चित्र बनाता है। श्रोता मन ही मन गणेश जी को घुंघरू बजाते हुए आते देखने लगता है।
यह भजन क्यों खास है? — एक ईमानदार विश्लेषण
बहुत से गणेश भजन “स्तुति” के रूप में हैं यानी वर्णन ज्यादा, संवाद कम। Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare इससे अलग है।
यहाँ भक्त और भगवान के बीच एक आत्मीय संवाद है। भक्त गणेश जी को “लाडले” कहता है जैसे कोई नाना अपने दोहते को बुलाए। यह प्रेम का वो रूप है जो भय से नहीं, अपनेपन से उपजता है।
गृह प्रवेश और मांगलिक अवसरों पर इस भजन का चलन इसलिए है क्योंकि इसमें मांगल्य की कामना स्पष्ट है अमृत रस की वर्षा, नैया का पार लगना, विघ्नों का नाश।
एक बात जो अक्सर अनदेखी रही — “मन मंदिर में झांकी सजाएं” पंक्ति बाहरी मंदिर से ज्यादा अंदर के मंदिर यानी चित्त की शुद्धि की बात करती है। यह एक गहरी आध्यात्मिक दृष्टि है जो इस भजन को एक साधारण स्तुति से ऊँचा उठाती है।
किन अवसरों पर गाएं यह भजन?
- गणेश चतुर्थी और गणेशोत्सव — यह भजन इन अवसरों पर सबसे ज्यादा प्रचलित है।
- गृह प्रवेश (Griha Pravesh) — नए घर में प्रवेश के समय गणेश पूजन के दौरान।
- किसी भी शुभ कार्य का आरंभ — हिंदू परंपरा में गणेश जी सबसे पहले पूजे जाते हैं।
- नवरात्रि और त्योहारों की पूजा — किसी भी पूजा में आरती से पहले।
- सुबह की भक्ति — प्रतिदिन सुबह इस भजन से दिन की शुरुआत करना बेहद शुभ माना जाता है।
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निष्कर्ष — जब भजन बन जाता है आराधना
Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare सिर्फ एक गाना नहीं है। यह एक भाव है उस भक्त का भाव जो गणेश जी को “लाडला” मानता है, जो उन्हें डर से नहीं, प्रेम से बुलाता है।
लखबीर सिंह लखा की आवाज़ में जब “आ जाना आ जाना” की पुकार उठती है, तो ऐसा लगता है जैसे पूरी सृष्टि रुक जाती है और गणपति बप्पा सच में पधार रहे हों।
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
? FAQs — सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल
Q1. Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare भजन किसने गाया है?
यह भजन प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लखा (Lakhbir Singh Lakha) द्वारा गाया गया है। वो हिंदी भजन संगीत के सबसे लोकप्रिय नामों में से एक हैं।
Q2. Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare किस अवसर पर गाया जाता है?
यह भजन मुख्यतः गणेश चतुर्थी, गणेशोत्सव, गृह प्रवेश, विवाह और अन्य मांगलिक अवसरों पर गाया जाता है। यह राजस्थानी भजन शैली का एक लोकप्रिय गणेश भजन है।
Q3. Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare Lyrics in English (Transliteration) क्या है?
इसकी English Transliteration ऊपर दी गई है “Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare, Bhole Baba Ji Ki Ankhon Ke Tare…” पूरे चारों अंतरे ऊपर उपलब्ध हैं।
Q4. Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare Hindi Lyrics कहाँ से मिलती हैं?
यह भजन BhaktiBharat.com पर verified रूप में उपलब्ध है। इस लेख में भी आपको हिंदी और English Transliteration दोनों में पूरे lyrics मिलेंगे।
Q5. Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare और Ganesh Chaturthi Bhajan में क्या संबंध है?
यह भजन Ganesh Chaturthi Bhajan की श्रेणी में आता है और गणेशोत्सव के दौरान मंडपों और घरों में सबसे अधिक बजाया जाने वाला भजनों में से एक है।
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