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    Home - Devotional - Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics — वो पवित्र शब्द जो सदियों से आत्मा को शांति देते आए हैं
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    Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics — वो पवित्र शब्द जो सदियों से आत्मा को शांति देते आए हैं

    AjayBy AjayJune 29, 2026
    Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics — वो पवित्र शब्द जो सदियों से आत्मा को शांति देते आए हैं

    Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics” गुरु ग्रंथ साहिब जी के Ang 749-750 पर दर्ज एक पवित्र शबद है, जिसकी रचना श्री गुरु अर्जन देव जी (पाँचवें सिख गुरु) ने राग सूही में की थी। इसका केंद्रीय संदेश है जिस इंसान के सिर पर परमात्मा का हाथ हो, उसे दुनिया का कोई दुख छू नहीं सकता। यह शबद Mohd. Rafi, Rahat Fateh Ali Khan, Anuradha Paudwal जैसे दिग्गज कलाकारों ने गाया है, और 2016 की film Zubaan में भी इसे उपयोग किया गया।

    Table of Contents

    Toggle
    • Overview: गीत और उसके रचनाकारों के बारे में
    • एक शबद जो सदियों से आत्मा को थामता आया है
    • Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics in Hindi (देवनागरी में)
    • Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics in Punjabi (Gurmukhi — मूल पाठ)
    • Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics in English (Roman Transliteration)
    • इस शबद की आत्मा — शब्दों में क्या है जो दिल को छू जाता है
      • “पंच दुसट” — वो पाँच दुश्मन जो भीतर रहते हैं
      • “सभ ते वडा सतिगुरु नानकु” — एक अनोखी विनम्रता
    • संगीत और स्वर — जब शब्दों को आवाज़ मिलती है
    • यह शबद सिर्फ सिखों का नहीं — इसका संदेश सार्वभौमिक है
    • निष्कर्ष (conclusion) — जब शब्द दवा बन जाते हैं
    • ? FAQs — वो सवाल जो लोग सबसे ज़्यादा पूछते हैं
      • Q1. Jiske Sir Upar Tu Swami किसने लिखा?
      • Q2. Jiske Sir Upar Tu Swami किस फ़िल्म में है?
      • Q3. “पंच दुसट” का क्या अर्थ है?
      • Q4. Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics in Punjabi में कहाँ मिलेंगे?
      • Q5. यह शबद किन-किन गायकों ने गाया है?

    Overview: गीत और उसके रचनाकारों के बारे में

    विवरण जानकारी
    Song Title Jis Ke Sir Upar Tu Swami (जिस के सिर ऊपरि तूँ सुआमी)
    रचनाकार (Composer/Lyricist) श्री गुरु अर्जन देव जी (पाँचवें सिख गुरु)
    स्रोत ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी
    Ang (पृष्ठ) 749-750
    राग (Raag) राग सूही (Raag Suhi)
    Genre Shabad Gurbani / Spiritual Kirtan
    प्रमुख गायक Mohammad Rafi, Rahat Fateh Ali Khan, Shafqat Ali Khan, Anuradha Paudwal, Suresh Wadekar, Minu Bakshi, Sahil Solanki, Amjad Nadeem, Jaya Kishori (Jassi Gill के साथ)
    Film Zubaan (2016)
    भाषा गुरमुखी (Gurmukhi) / पंजाबी

    Disclaimer: ये lyrics श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के Ang 749-750 से ली गई हैं, जो सार्वजनिक धार्मिक ग्रंथ है। ये गीत के बोल केवल आध्यात्मिक प्रशंसा और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए यहाँ प्रस्तुत किए गए हैं। कृपया इस शबद को YouTube, Spotify, JioSaavn पर मूल कलाकारों की आवाज़ में सुनें और उनके संगीत को support करें। Mohammad Rafi, Rahat Fateh Ali Khan, Anuradha Paudwal, और अन्य सभी गायकों की मेहनत और समर्पण को सम्मान दें।

    एक शबद जो सदियों से आत्मा को थामता आया है

    Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics — यह सिर्फ एक गीत के बोल नहीं हैं। ये वो शब्द हैं जिन्हें पाँच सौ साल पहले एक महान गुरु ने तब लिखा था जब उन्होंने महसूस किया कि इंसान सबसे ज़्यादा डर तब खाता है जब वो खुद को अकेला समझता है।

    श्री गुरु अर्जन देव जी, सिखों के पाँचवें गुरु, ने यह शबद राग सूही में रचा। यह शबद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के Ang 749-750 पर दर्ज है। इसका एक-एक शब्द किसी दार्शनिक ग्रंथ की तरह गहरा है लेकिन भाव इतना सरल है कि एक आम इंसान भी पहली बार सुनते ही भीतर तक हिल जाता है।

    गुरु अर्जन देव जी वही गुरु हैं जिन्होंने आदि ग्रंथ (Adi Granth) का संकलन किया 1604 में, जब उन्होंने विभिन्न गुरुओं और भक्तों की वाणी को एक जगह इकट्ठा किया। उनकी अपनी वाणी में एक अद्भुत संतुलन है एक तरफ ईश्वर के प्रति पूरा समर्पण, दूसरी तरफ सांसारिक मोह पर गहरी चोट।

    यह शबद Mohammad Rafi जैसे दिग्गज से लेकर Rahat Fateh Ali Khan और Anuradha Paudwal तक सबने अपनी आवाज़ दी है। 2016 में Vicky Kaushal की फ़िल्म Zubaan में भी इसे जगह मिली, जिससे नई पीढ़ी तक यह पहुँचा।

    Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics in Hindi (देवनागरी में)

    जिस के सिर ऊपरि तूँ सुआमी, सो दुखु कैसा पावै ।
    बोलि न जाणै माइआ मदि माता, मरणा चीति न आवै ।।१।।

    मेरे राम राइ, तूँ संता का, संत तेरे ।
    तेरे सेवक कउ भउ किछु नाही, जमु नही आवै नेरे ।।१।। रहाउ ।।

    जो तेरै रंगि राते सुआमी, तिन्ह का जनम मरण दुखु नासा ।
    तेरी बखस न मेटै कोई, सतिगुर का दिलासा ।।२।।

    नामु धिआइनि सुख फल पाइनि, आठ पहर आराधहि ।
    तेरी सरणि तेरै भरवासै, पंच दुसट लै साधहि ।।३।।

    गिआनु धिआनु किछु करमु न जाणा, सार न जाणा तेरी ।
    सभ ते वडा सतिगुरु नानकु, जिनि कल राखी मेरी ।।४।।१०।।५७।।

    Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics in Punjabi (Gurmukhi — मूल पाठ)

    ਜਿਸ ਕੇ ਸਿਰ ਊਪਰਿ ਤੂੰ ਸੁਆਮੀ ਸੋ ਦੁਖੁ ਕੈਸਾ ਪਾਵੈ ॥
    ਬੋਲਿ ਨ ਜਾਣੈ ਮਾਇਆ ਮਦਿ ਮਾਤਾ ਮਰਣਾ ਚੀਤਿ ਨ ਆਵੈ ॥੧॥

    ਮੇਰੇ ਰਾਮ ਰਾਇ ਤੂੰ ਸੰਤਾ ਕਾ ਸੰਤ ਤੇਰੇ ॥
    ਤੇਰੇ ਸੇਵਕ ਕਉ ਭਉ ਕਿਛੁ ਨਾਹੀ ਜਮੁ ਨਹੀ ਆਵੈ ਨੇਰੇ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥

    ਜੋ ਤੇਰੈ ਰੰਗਿ ਰਾਤੇ ਸੁਆਮੀ ਤਿਨ੍ਹ੍ਹ ਕਾ ਜਨਮ ਮਰਣ ਦੁਖੁ ਨਾਸਾ ॥
    ਤੇਰੀ ਬਖਸ ਨ ਮੇਟੈ ਕੋਈ ਸਤਿਗੁਰ ਕਾ ਦਿਲਾਸਾ ॥੨॥

    ਨਾਮੁ ਧਿਆਇਨਿ ਸੁਖ ਫਲ ਪਾਇਨਿ ਆਠ ਪਹਰ ਆਰਾਧਹਿ ॥
    ਤੇਰੀ ਸਰਣਿ ਤੇਰੈ ਭਰਵਾਸੈ ਪੰਚ ਦੁਸਟ ਲੈ ਸਾਧਹਿ ॥੩॥

    ਗਿਆਨੁ ਧਿਆਨੁ ਕਿਛੁ ਕਰਮੁ ਨ ਜਾਣਾ ਸਾਰ ਨ ਜਾਣਾ ਤੇਰੀ ॥
    ਸਭ ਤੇ ਵਡਾ ਸਤਿਗੁਰੁ ਨਾਨਕੁ ਜਿਨਿ ਕਲ ਰਾਖੀ ਮੇਰੀ ॥੪॥੧੦॥੫੭॥

    Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics in English (Roman Transliteration)

    Jis ke sir oopari toon suaami, so dukhu kaisaa paavai.
    Boli na jaanai maaiaa madi maataa, maranaa cheeti na aavai. ||1||

    Mere raam raai, toon santaa kaa, sant tere.
    Tere sevak kau bhau kichhu naahi, jamu nahi aavai nere. ||1|| Rahaao. ||

    Jo terai rangi raate suaami, tinh kaa janam maran dukhu naasaa.
    Teree bakhas na metai koii, satigur kaa dilaasaa. ||2||

    Naamu dhiaainii sukh fal paainii, aath pahar aaraadhahi.
    Teree saranai terai bharvaasai, panch dusat lai sadhahi. ||3||

    Giaanu dhiaanu kichhu karamu na jaanaa, saar na jaanaa teree.
    Sabh te vadaa satiguru naanaku, jini kal raakhee meree. ||4||10||57||

    इस शबद की आत्मा — शब्दों में क्या है जो दिल को छू जाता है

    कुछ गीत कानों तक पहुँचते हैं। यह शबद सीधे अंदर उतर जाता है।

    पहली पंक्ति ही एक ऐसा दावा करती है जो दुनिया का कोई भी दर्शन नहीं कर सका “जिसके सिर पर तू है, उसे दुख कैसा?” यह कोई भावुक बात नहीं है। यह एक आध्यात्मिक सत्य है जो गुरु अर्जन देव जी ने सीधे और निडर होकर कह दिया।

    फिर आता है वो हिस्सा जो इंसान की असली कमज़ोरी को उघाड़ता है “बोलि न जाणै माइआ मदि माता, मरणा चीति न आवै।” माया के नशे में चूर इंसान न तो परमात्मा का नाम जानता है, न मृत्यु की याद उसे आती है। यह गुरु की चेतावनी है, लेकिन बिना किसी कड़वाहट के।

    “पंच दुसट” — वो पाँच दुश्मन जो भीतर रहते हैं

    शबद का तीसरा पद एक गहरी अवधारणा छूता है पंच दुसट (Panch Dusht) यानी पाँच आंतरिक शत्रु:

    शत्रु अर्थ
    काम (Kaam) वासना / अनुचित इच्छाएँ
    क्रोध (Krodh) गुस्सा
    लोभ (Lobh) लालच
    मोह (Moh) अत्यधिक लगाव
    अहंकार (Ahankaar) घमंड

    गुरु कहते हैं जो प्रभु की शरण में आ जाता है, वो इन पाँचों को साध लेता है। यह “साधना” कोई दमन नहीं है यह एक रूपांतरण है।

    “सभ ते वडा सतिगुरु नानकु” — एक अनोखी विनम्रता

    अंतिम पंक्ति में गुरु अर्जन देव जी खुद को कुछ भी न जानने वाला कहते हैं और गुरु नानक देव जी को सर्वश्रेष्ठ बताते हैं। यह गुरु परंपरा की एक अद्भुत विशेषता है गुरु भी गुरु के सामने झुकता है। यह विनम्रता ही इस शबद को अलग बनाती है।

    संगीत और स्वर — जब शब्दों को आवाज़ मिलती है

    यह शबद राग सूही में रचा गया है। राग सूही का स्वभाव है एक गहरी तड़प, एक मीठी पुकार। न बहुत उदास, न बहुत उल्लासित। बीच की वो अवस्था जहाँ आत्मा परमात्मा को ढूँढती है।

    Mohammad Rafi ने इसे जब गाया तो उनकी आवाज़ में एक ऐसी पवित्रता थी कि सुनने वाले चुप हो जाते थे। Rafi साहब की आवाज़ में एक निर्मलता थी जो इस शबद के भाव के बिल्कुल अनुकूल है।

    Rahat Fateh Ali Khan की version में एक ऐसी गहराई है उनकी आवाज़ का उतार-चढ़ाव, खासकर “मेरे राम राइ” की पुकार, सुनने वाले को भीतर तक हिला देती है।

    Anuradha Paudwal की आवाज़ में एक माँ जैसी ममता है जब वो गाती हैं “तेरे सेवक कउ भउ किछु नाही” तो यह सिर्फ एक पंक्ति नहीं, एक वादा लगती है।

    2016 की Film Zubaan ने इस शबद को उन लोगों तक पहुँचाया जो शायद Gurbani से ज़्यादा परिचित नहीं थे। फ़िल्म के संदर्भ में यह शबद और भी मार्मिक लगा एक इंसान का संघर्ष और उसके पीछे यह दिव्य आश्वासन।

    यह शबद सिर्फ सिखों का नहीं — इसका संदेश सार्वभौमिक है

    यह एक ज़रूरी बात है जो अक्सर छूट जाती है।

    Jiske Sir Upar Tu Swami का संदेश किसी एक धर्म या भाषा तक सीमित नहीं है। इसमें “ईश्वर की छाया में निर्भय जीवन” की जो बात है वो उतनी ही प्रासंगिक है किसी हिंदू के लिए, किसी मुस्लिम के लिए, किसी भी इंसान के लिए जो जीवन के किसी मुश्किल मोड़ पर खड़ा हो।

    यही वजह है कि Mohammad Rafi, Shafqat Ali Khan जो मुस्लिम गायक हैं ने भी इसे बड़े भाव से गाया। गुरबाणी की यह ताकत है कि वो किसी की भी आत्मा से सीधे बात करती है।

    Read Also: Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare Lyrics

    निष्कर्ष (conclusion) — जब शब्द दवा बन जाते हैं

    कुछ रचनाएँ समय के साथ पुरानी पड़ जाती हैं। Jiske Sir Upar Tu Swami सदियों बाद भी उतना ही ताज़ा है जितना उस दिन था जब गुरु अर्जन देव जी ने इसे लिखा था।

    और इसकी वजह सिर्फ संगीत नहीं है।

    इसकी वजह यह है कि यह शबद उस डर को address करता है जो हर इंसान के भीतर होता है अकेले पड़ जाने का डर, टूट जाने का डर, दुख से न उबर पाने का डर। और फिर एक ही पंक्ति में उस पूरे डर को चूर कर देता है “जिस के सिर ऊपरि तूँ सुआमी, सो दुखु कैसा पावै।”

    यह कोई झूठी तसल्ली नहीं है। यह एक आध्यात्मिक सत्य है जिसे Mohammad Rafi ने अपनी आवाज़ से, Rahat Fateh Ali Khan ने अपनी गहराई से, और Anuradha Paudwal ने अपनी ममता से बार-बार साबित किया।

    Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics in Hindi पढ़ना एक बात है लेकिन जब यह शबद किसी रात अकेले में सुनाई देता है, तब इसका असली अर्थ खुलता है।

    गुरु अर्जन देव जी ने यह नहीं कहा कि दुख आएगा नहीं। उन्होंने कहा कि जिसके पास ईश्वर है, उसके लिए दुख की ताकत खत्म हो जाती है। यह फ़र्क बहुत बड़ा है।

    पाँच सौ साल पहले लिखे ये शब्द आज भी करोड़ों लोगों के लिए एक सहारा हैं चाहे वो किसी भी धर्म के हों, किसी भी भाषा के हों। यही Gurbani की सबसे बड़ी ताकत है, और यही इस शबद की असली विरासत।

    ? FAQs — वो सवाल जो लोग सबसे ज़्यादा पूछते हैं

    Q1. Jiske Sir Upar Tu Swami किसने लिखा?

    यह शबद श्री गुरु अर्जन देव जी ने लिखा, जो सिखों के पाँचवें गुरु थे। यह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के Ang 749-750 पर राग सूही में दर्ज है।

    Q2. Jiske Sir Upar Tu Swami किस फ़िल्म में है?

    2016 की हिंदी फ़िल्म Zubaan में यह शबद इस्तेमाल किया गया। Vicky Kaushal इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका में थे।

    Q3. “पंच दुसट” का क्या अर्थ है?

    पंच दुसट यानी पाँच आंतरिक शत्रु काम (वासना), क्रोध (गुस्सा), लोभ (लालच), मोह (अत्यधिक लगाव), और अहंकार (घमंड)। शबद में कहा गया है कि ईश्वर की शरण में रहने वाला इन पाँचों को वश में कर लेता है।

    Q4. Jiske Sir Upar Tu Swami Lyrics in Punjabi में कहाँ मिलेंगे?

    मूल Gurmukhi पाठ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के Ang 749-750 पर है। ऊपर इस पोस्ट में भी पूरा Gurmukhi पाठ दिया गया है।

    Q5. यह शबद किन-किन गायकों ने गाया है?

    Mohammad Rafi, Rahat Fateh Ali Khan, Shafqat Ali Khan, Anuradha Paudwal, Suresh Wadekar, Minu Bakshi, Sahil Solanki, Amjad Nadeem, और Jaya Kishori (Jassi Gill के साथ) इन सभी ने इस शबद को अपनी आवाज़ दी है।

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