Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, October 24
    Trending
    • Moving Beyond Traditional Advertising With Integrated Digital Strategies
    • Breaking The Silence About Mental Health And Emotional Struggles
    • Backlin Building for Independent Creatives: A Practical Guide to Being Found Online
    • AI Technology: How Artificial Intelligence Is Improving Modern Business Website Search
    • Luk Chup Na Jao Ji Lyrics: The Playful Folk Song Everyone Hums After One Listen
    • Vrindavan Pyaro Vrindavan Lyrics: इंद्रेश उपाध्याय जी का यह भजन दिल को छू लेता है
    • TUM Kyu Chale Aate Ho Lyrics – Vicky Singh’s Soulful Cover of a Timeless Romance
    • Mustafa Jane Rehmat Pe Lakhon Salam Lyrics: Meaning, History & Full Text
    Pure Lyric Flow
    • Home
    • English
    • Hindi
    • Punjabi
    • Old Songs
    • Devotional
    • Contact Us
    • Privacy Policy
      • Terms & Conditions
      • Disclaimer
    Pure Lyric Flow
    Home - Devotional - Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics: सुख तेरा दिता लहिए शबद का पूरा अर्थ, हिंदी लिरिक्स और भावार्थ
    Devotional

    Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics: सुख तेरा दिता लहिए शबद का पूरा अर्थ, हिंदी लिरिक्स और भावार्थ

    AjayBy AjayAugust 20, 2026
    Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics: सुख तेरा दिता लहिए शबद का पूरा अर्थ, हिंदी लिरिक्स और भावार्थ

    Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics असल में गुरबाणी का एक शबद है, जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंग 749 पर राग सूही में गुरु अर्जन देव जी द्वारा उच्चारित है। यह किसी फ़िल्म या एल्बम का गाना नहीं बल्कि पूर्ण समर्पण और रज़ा में रहने की भावना पर आधारित शबद-कीर्तन है, जिसे भाई सरबजीत सिंह जी पटना साहिब वाले सहित कई रागियों ने अपनी आवाज़ दी है। नीचे पूरे बोल गुरमुखी, हिंदी और अंग्रेज़ी लिप्यंतरण (transliteration) के साथ, अर्थ सहित दिए गए हैं।

    जब भी कोई सर्च बार में Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics टाइप करता है, तो ज़्यादातर वजह यही होती है कि उसने यह शबद किसी गुरुद्वारे में, यूट्यूब पर या किसी कीर्तन दरबार में सुना और उसके बोल याद रखना चाहता है। यह शबद सुनने में जितना सरल लगता है, इसका भाव उतना ही गहरा है “तूने जो सुख दिया, वही मैंने ले लिया” जैसी सादगी में पूरी शरणागति छुपी है। नीचे हर हिस्सा verified स्रोतों से मिलाकर लिखा गया है ताकि पाठ में कोई भूल न रहे।

    Table of Contents

    Toggle
    • शबद परिचय (Overview)
    • Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics की पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक महत्व
    • Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics In Hindi
    • Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics In English
    • Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics का शब्द-दर-शब्द भावार्थ
    • संगीत रचना और गायन शैली (Musical Composition & Vocal Performance)
      • संगीत जो शब्दों को मज़बूत करता है
      • तुलनात्मक झलक — प्रचलित संस्करणों में फ़र्क़
    • Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics को रोज़ की भक्ति में कैसे शामिल करें
    • शबद का भावनात्मक प्रभाव — रज़ा और शुक्राने का संगीत
    • शबद सुनते समय ध्यान रखने योग्य बातें (Practical Tips)
    • निष्कर्ष (Conclusion)
    • ? अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
      • 1. Sukh Tera Dita Lahiye किसकी रचना है?
      • 2. Sukh Tera Dita Lahiye किस फ़िल्म या एल्बम का गाना है?
      • 3. Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics In Hindi कहाँ मिल सकते हैं?
      • 4. इस शबद का मुख्य संदेश क्या है?
      • 5. Sukh Tera Dita Lahiye किन मौकों पर गाया जाता है?

    शबद परिचय (Overview)

    विवरण जानकारी
    शबद Sukh Tera Dita Lahiye
    मूल रचनाकार गुरु अर्जन देव जी
    ग्रंथ स्रोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी, अंग 749
    राग सूही, महला ५
    प्रचलित गायक/रागी भाई सरबजीत सिंह जी पटना साहिब वाले, भाई हरजीत सिंह जी, भाई सुखबीर सिंह जी जालंधर वाले
    भाषा गुरमुखी पंजाबी
    ट्रांसलिटरेशन हिंदी, अंग्रेज़ी
    श्रेणी शबद गुरबाणी / भक्ति संगीत
    फ़िल्म/एल्बम कोई फ़िल्म नहीं — विभिन्न कीर्तन एल्बम और लाइव संगत रिकॉर्डिंग में उपलब्ध
    मुख्य भाव समर्पण, रज़ा, शुक्राना

    Disclaimer: ये शबद-बोल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की गुरबाणी से लिए गए हैं, जिनके मूल रचनाकार गुरु अर्जन देव जी हैं। कीर्तन प्रस्तुतियाँ (जैसे भाई सरबजीत सिंह जी, भाई हरजीत सिंह जी आदि की रिकॉर्डिंग) संबंधित रागियों और म्यूज़िक लेबल की संपत्ति हैं। ये बोल केवल भक्ति, शिक्षा और सराहना के उद्देश्य से प्रस्तुत किए गए हैं। कृपया मूल कीर्तन को Spotify, JioSaavn या YouTube पर स्ट्रीम करके संबंधित कलाकारों व लेबल का समर्थन करें।

    गुरबाणी होने के कारण इस शबद का कोई “संगीतकार” या “गीतकार” उस अर्थ में नहीं है जैसे किसी फ़िल्मी गाने का होता है। बोल गुरु अर्जन देव जी द्वारा रचित हैं, और हर रागी अपनी खुद की धुन में इसका कीर्तन करता है यही वजह है कि Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics को अलग-अलग एल्बम में अलग-अलग स्वर मिलते हैं।

    Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics की पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक महत्व

    यह शबद कोई हाल की रचना नहीं, बल्कि सदियों पुरानी गुरबाणी का हिस्सा है, जिसे पाँचवें गुरु गुरु अर्जन देव जी ने उस दौर में लिखा जब सिख धर्म अपने संगठित रूप में आकार ले रहा था। गुरु अर्जन देव जी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का संकलन स्वयं किया, और सूही राग में लिखे गए इस शबद में उनकी अपनी आध्यात्मिक अवस्था पूर्ण समर्पण और प्रभु-इच्छा में विलीन होने की भावना साफ़ झलकती है।

    अंग 749 पर दर्ज यह शबद “रहाउ” पंक्ति के साथ शुरू होता है, जो गुरबाणी की परंपरा में शबद के मूल भाव को स्थापित करने का काम करती है। जब कोई Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics खोजता है, तो असल में वह इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत से ही जुड़ने की कोशिश कर रहा होता है, भले ही उसे इसका पूरा इतिहास पहले से मालूम न हो।

    इतिहास की दृष्टि से देखें तो यह शबद उस समय की रचनाओं में से है जब गुरु अर्जन देव जी ने भक्ति को जीवन की हर परिस्थिति से जोड़ने का प्रयास किया चाहे वह सुख हो या संघर्ष। यही वजह है कि यह शबद आज भी उतना ही प्रासंगिक लगता है जितना सदियों पहले लगता होगा।

    Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics In Hindi

    सुख तेरा दिता लहीए
    सुख तेरा दिता लहिए

    तुध भावे तां नाम जपावे
    तुध भावे तां नाम जपावह
    सुख तेरा दिता लहीए
    सुख तेरा दिता लहिए

    पारब्रह्म परमेशर सतिगुर
    आपे करनैहारा
    आपे करनैहारा
    चरन धूड़ तेरी सेवक माँगै
    तेरे दर्शन कौ बलिहारा
    तेरे दर्शन कौ बलिहारा

    लाल रँगीले प्रीतम मनमोहन
    लाल रँगीले प्रीतम मनमोहन
    तेरे दर्शन कौ हम बारे
    तेरे दर्शन कौ हम बारे
    चरन धूड़ तेरी सेवक माँगै
    तेरे दर्शन कौ बलिहारा

    तुध भावे तां नाम जपावे
    तुध भावे तां नाम जपावह
    सुख तेरा दिता लहीए
    सुख तेरा दिता लहिए

    मेरे राम राय मेरे राम राय
    ज्यों राखह त्यों रहिए
    ज्यों राखह त्यों रहिए

    जे सुख देह तां तुझे आराधी
    जे सुख देह तां तुझे आराधी
    दुख भी तुझे ध्याई
    जे भूख देह तां इत ही राजा
    जे भूख देह तां इत ही राजा
    दुख विच सूख मनाई

    मेरे राम राय मेरे राम राय
    ज्यों राखह त्यों रहिए
    ज्यों राखह त्यों रहिए

    तुध भावे तां नाम जपावह
    तुध भावे तां नाम जपावह
    सुख तेरा दिता लहीए
    सुख तेरा दिता लहिए

    मुकत भुगत जुगत तेरी सेवा
    जिस तू आप कराएहि
    जिस तू आप कराएहि
    तहाँ बैकुंठ जहां कीर्तन तेरा
    तू आपे शरधा लाएहि
    तू आपे श्रद्धा लाएहि

    तुध भावे तां नाम जपावह
    तुध भावे तां नाम जपावह
    सुख तेरा दिता लहीए
    सुख तेरा दिता लहिए

    सिमर सिमर सिमर नाम जीवां
    तन मन होए निहाला
    तन मन होए निहाला
    चरन कमल तेरे धोए धोए पीवा
    मेरे सतिगुर दीन दयाला
    मेरे सतिगुर दीन दयाला

    तुध भावे तां नाम जपावे
    तुध भावे तां नाम जपावह
    सुख तेरा दिता लहीए
    सुख तेरा दिता लहिए

    कुर्बान जाई उस वेला सुहावी
    जित तुमरै दुआरै आया
    जित तुमरै द्वारै आया
    हौं आया दूरों चल कै
    मैं तकी तेरी सरणाई जीओ

    नानक कौ प्रभ भए कृपाला
    सतिगुर पूरा पाया
    सतगुर पूरा पाया

    तुध भावे तां नाम जपावे
    तुध भावे तां नाम जपावह
    सुख तेरा दिता लहीअै

    Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics In English

    Sukh Tera Dita Lahiye
    Sukh Tera Dita Lahiye

    Tudh Bhave Ta Naam Japavah
    Tudh Bhawai Ta Naam Japaaveh
    Sukh Tera Ditta Lahiye
    Sukh Tera Dita Lahiye

    Parbrahm Parmesar Satgur
    Aape Karnaihara
    Aape Karneihara
    Charan Dhoor Teri Sewak Maagai
    Tere Darsan Kao Balihara
    Tere Darsan Kao Balihara

    Laal Rangile Preetam Manmohan
    Lal Rangeele Pritam Man Mohan
    Tere Darsan Kao Ham Baare
    Tere Darshan Ko Hum Bare
    Charan Dhood Teri Sevak Maange
    Tere Darsan Kao Balihara

    Tudh Bhave Ta Naam Japavah
    Tudh Bhawai Ta Naam Japaaveh
    Sukh Tera Ditta Lahiye
    Sukh Tera Dita Lahiye

    Mere Ram Rai Mere Ram Rai
    Jion Rakhah Tio Rahiye
    Jeon Raakheh Tion Rahiye

    Je Sukh Dehe Ta Tujhe Araadhi
    Je Sukh Dehi Ta Tujhah Aradhi
    Dukh Bhi Tujhei Dhyayi
    Je Bhukh Dehe Ta It Hi Raja
    Je Bhukh Dehe Ta It Hi Raaja
    Dukh Vich Sookh Manayi

    Mere Ram Rai Mere Ram Rai
    Jion Rakhah Tio Rahiye
    Jeon Raakheh Tion Rahiye

    Tudh Bhave Ta Naam Japavah
    Tudh Bhawai Ta Naam Japaaveh
    Sukh Tera Ditta Lahiye
    Sukh Tera Dita Lahiye

    Mukat Bhugat Jugat Teri Sewa
    Jis Tu Aap Kraaehi
    Jis Tu Aap Kraaihi
    Taha Baikunth Jah Kirtan Tera
    Tu Aape Sardha Laaehe
    Tu Aape Sardha Laaehe

    Tudh Bhave Ta Naam Japavah
    Tudh Bhawai Ta Naam Japaaveh
    Sukh Tera Ditta Lahiye
    Sukh Tera Dita Lahiye

    Simar Simar Simar Naam Jeeva
    Tan Man Hoi Nihala
    Tan Man Hoye Nihaala
    Charan Kamal Tere Dhoye Dhoye Peeva
    Mere Satgur Deen Dayala
    Mere Satguru Deen Daiyala

    Tudh Bhave Ta Naam Japavah
    Tudh Bhawai Ta Naam Japaaveh
    Sukh Tera Ditta Lahiye
    Sukh Tera Dita Lahiye

    Kurbaan Jaai Us Vela Suhavi
    Jit Tumrai Duaarai Aaia
    Jit Tumre Dwaare Aaya
    Hao Aaiya Dooron Chal Kai
    Main Taki Tau Sarnaai Jeeo

    Nanak Kau Prabh Bhaye Kripala
    Satgur Poora Paya
    Satgur Poora Paya

    Tudh Bhave Ta Naam Japavah
    Tudh Bhawai Ta Naam Japaaveh
    Sukh Tera Ditta Lahiye

    Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics का शब्द-दर-शब्द भावार्थ

    पूरे शबद का सार यही है “हे प्रभु, जैसे तू मुझे रखता है, मैं वैसे ही रहता हूँ। जब तुझे अच्छा लगे तभी तू मुझसे अपना नाम जपवाता है, और तेरा दिया हुआ सुख ही मैं सुख मानकर स्वीकार करता हूँ।” गुरु अर्जन देव जी इस शबद में स्पष्ट करते हैं कि परब्रह्म परमेश्वर और सतिगुरु में कोई भेद नहीं दोनों ही “आपे करनैहारा” यानी स्वयं कर्ता हैं। सेवक सिर्फ़ उनके चरणों की धूल और उनके दर्शन का भिखारी है।

    दूसरे पद में मुक्ति (मोक्ष), भुक्ति (सांसारिक सुख) और जुगत (जीवन जीने की सही राह) तीनों को प्रभु-सेवा का ही फल बताया गया है। यह विचार आम धारणा से अलग है, क्योंकि आमतौर पर मुक्ति और सांसारिक सुख को अलग-अलग रास्तों का नतीजा माना जाता है, लेकिन यह शबद दोनों को एक ही स्रोत प्रभु-भक्ति से जोड़ता है।

    तीसरे पद में कहा गया है कि अगर सुख भी मिले तो प्रभु की याद में, और भूख या दुख भी मिले तो उसी में संतोष यही असली भक्ति है, शर्तों वाली नहीं। यह हिस्सा शबद का सबसे चुनौतीपूर्ण संदेश भी है, क्योंकि यह सुख और दुख दोनों को समान भाव से स्वीकारने की मांग करता है, जो व्यवहार में आसान नहीं।

    अंत में गुरु नानक जी का ज़िक्र आता है, जिन पर प्रभु कृपालु हुए और उन्हें पूर्ण सतिगुरु मिले। यह अंतिम पंक्ति शबद को व्यक्तिगत अनुभव से जोड़ती है यह सिर्फ़ उपदेश नहीं, बल्कि गुरु नानक देव जी के अपने जीवन की गवाही भी है।

    संगीत रचना और गायन शैली (Musical Composition & Vocal Performance)

    Sukh Tera Dita Lahiye किसी एक तय धुन में बंधा हुआ शबद नहीं है यह इसकी सबसे दिलचस्प खासियत भी है। चूँकि मूल रचना सदियों पुरानी गुरबाणी है, हर रागी इसे अपने ढंग से कीर्तन में ढालता है:

    • भाई सरबजीत सिंह जी पटना साहिब वाले का संस्करण धीमी, ध्यानपूर्ण लय में शुरू होता है और “वाहेगुरु” के दोहराव पर संगत को भावुक कर देता है। जियोसावन पर मौजूद पूर्ण कीर्तन 15 मिनट से अधिक लंबा है, जो इसे सामूहिक ध्यान (simran) के लिए उपयुक्त बनाता है।
    • भाई हरजीत सिंह जी और भाई सुखबीर सिंह जी जालंधर वाले के संस्करण अपेक्षाकृत छोटे, कॉम्पैक्ट रूप में उपलब्ध हैं, जो रोज़ के नित्नेम या सफ़र के दौरान सुनने के लिए बेहतर बैठते हैं।
    • हरनीत सिंह सेठी जैसे समकालीन कलाकारों ने इसे सॉफ़्ट, मॉडर्न प्रोडक्शन के साथ पेश किया है, जिसमें तबले की जगह हल्के सिंथ पैड्स का इस्तेमाल दिखता है यह नई पीढ़ी को गुरबाणी से जोड़ने का एक तरीका है।

    संगीत जो शब्दों को मज़बूत करता है

    “सुख तेरा दिता लहीये” पंक्ति की बार-बार वापसी (रहाउ) दरअसल संगीत की दृष्टि से एक “एंकर लाइन” का काम करती है जैसे किसी भजन का ध्रुव-पद (chorus) होता है। हर बार जब यह पंक्ति लौटती है, गायक की आवाज़ में समर्पण गहराता जाता है, और “वाहेगुरु” का दोहराव संगत को सामूहिक जाप में शामिल कर लेता है। यही कारण है कि यह शबद अकेले सुनने से ज़्यादा प्रभाव संगत (group singing) में दिखाता है।

    तुलनात्मक झलक — प्रचलित संस्करणों में फ़र्क़

    संस्करण अवधि (लगभग) शैली किसके लिए उपयुक्त
    भाई सरबजीत सिंह जी (पटना साहिब) 15+ मिनट पारंपरिक, ध्यान-प्रधान गुरुद्वारा संगत, सामूहिक सिमरन
    भाई सुखबीर सिंह जी जालंधर वाले 4-6 मिनट संक्षिप्त, स्पष्ट उच्चारण रोज़ का नित्नेम, नए श्रोता
    हरनीत सिंह सेठी 3-5 मिनट आधुनिक, सॉफ़्ट प्रोडक्शन यूट्यूब/स्ट्रीमिंग पर पहली बार सुनने वाले
    सचरब व रिंकू वीर जी ~2 मिनट संक्षिप्त लोफ़ाई शैली शॉर्ट रील्स, ध्यान से पहले वार्म-अप

    एक ईमानदार चेतावनी: यूट्यूब और स्ट्रीमिंग ऐप्स पर “Sukh Tera Dita Lahiye” नाम से कई अपलोड ऐसे भी मिलते हैं जो असल में पूरा शबद नहीं बल्कि सिर्फ़ “रहाउ” पंक्ति का लूप होते हैं। अगर आप पूरे शबद का अर्थ और संगत का अनुभव चाहते हैं, तो 5 मिनट से लंबे कीर्तन-संस्करण को प्राथमिकता दें, न कि सिर्फ़ 1-2 मिनट के लूप वाले ट्रैक को।

    Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics को रोज़ की भक्ति में कैसे शामिल करें

    बहुत से श्रद्धालु इस शबद को अपने नित्नेम में शामिल करते हैं, ख़ासकर सुखमनी साहिब पाठ के बाद या अरदास से पहले। इसका कारण साफ़ है यह शबद मन को उस अवस्था में ले जाता है जहाँ शिकायत या मांग की जगह सिर्फ़ स्वीकृति और शुक्राना रह जाता है।

    जो लोग पहली बार यह शबद सीख रहे हैं, उनके लिए एक व्यावहारिक तरीका यह है कि पहले धीमी गति वाला कीर्तन-संस्करण सुनें, साथ-साथ हिंदी अनुवाद पढ़ें, और फिर बिना संगीत के सिर्फ़ बोल दोहराने की कोशिश करें। इससे उच्चारण और भाव दोनों एक साथ पक्के होते हैं।

    घर पर परिवार के साथ सामूहिक कीर्तन करने वालों के लिए यह शबद ख़ास तौर पर उपयुक्त है, क्योंकि इसकी दोहराई जाने वाली पंक्तियाँ (जैसे “सुख तेरा दिता लहीये” और “वाहेगुरु”) बच्चों और नए श्रोताओं को भी जल्दी याद हो जाती हैं।

    शबद का भावनात्मक प्रभाव — रज़ा और शुक्राने का संगीत

    यह शबद न प्रेम-गीत है, न विरह का गीत यह पूरी तरह अध्यात्म और समर्पण (spirituality और surrender) पर केंद्रित है। इसकी ताक़त इसी बात में है कि यह जीवन की हर परिस्थिति सुख हो या दुख, भूख हो या तृप्ति को एक ही भाव से स्वीकार करना सिखाता है। “जे भूख देह तां इत ही राजा, दुख विच सूख मनाई” जैसी पंक्ति असल ज़िंदगी के संघर्षों में भी शांति खोजने का रास्ता दिखाती है, जो आज के तनावग्रस्त दौर में मानसिक स्थिरता के लिए भी प्रासंगिक मानी जाती है।

    शब्दों की सादगी छोटे-छोटे वाक्य, बार-बार दोहराव, और “वाहेगुरु” का सामूहिक जाप इसे शास्त्रीय गुरबाणी होते हुए भी हर उम्र के श्रोता के लिए सुगम बनाती है। यही वजह है कि यह शबद गुरुद्वारों के अलावा घरों में सुबह की नित्नेम-सूची और सोशल मीडिया पर शांति व माइंडफ़ुलनेस से जुड़े कंटेंट में भी बार-बार सुना जाता है।

    शबद सुनते समय ध्यान रखने योग्य बातें (Practical Tips)

    • सही उच्चारण ज़रूरी है: “लहीये” को “लहीये” ही रहने दें, “लहिए” जैसा हल्का बदलाव कई हिंदी ट्रांसलिटरेशन में मिलता है दोनों स्वीकार्य हैं, पर मूल गुरमुखी वर्तनी “ਲਹੀਐ” के आधार पर उच्चारण साधने की कोशिश करें।
    • कीर्तन सुनते वक़्त मूल गुरमुखी पाठ साथ रखें, ताकि ट्रांसलिटरेशन में आई मामूली भिन्नताओं से भ्रम न हो अलग-अलग वेबसाइटों पर “Japavah” और “Japaaveh” जैसी वर्तनी में फ़र्क़ मिलना सामान्य है, अर्थ में कोई अंतर नहीं होता।
    • नए श्रोताओं के लिए सुझाव: पहले हिंदी अनुवाद पढ़ें, फिर कीर्तन सुनें इससे भाव समझ आने के बाद संगीत का असर कहीं ज़्यादा गहरा महसूस होता है।
    • लंबे संस्करण को प्राथमिकता दें अगर आप पूरे शबद का अनुभव करना चाहते हैं, छोटे लूप-आधारित क्लिप से पूरा भाव नहीं मिलता।

    Read Also: Sawali Surat PE Mohan Lyrics

    निष्कर्ष (Conclusion)

    Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics सिर्फ़ शब्दों का एक संग्रह नहीं, बल्कि गुरु अर्जन देव जी की उस गहरी आध्यात्मिक समझ का प्रतिबिंब है जो हर सुख-दुख को एक ही भाव से स्वीकारना सिखाती है। “सुख तेरा दिता लहीये” जैसी सरल-सी पंक्ति के भीतर पूर्ण समर्पण, शुक्राना और रज़ा में रहने का पूरा दर्शन समाया हुआ है यही वजह है कि सदियों बाद भी यह शबद उतना ही प्रासंगिक लगता है जितना अपनी रचना के समय रहा होगा।

    चाहे आप इसे गुरमुखी मूल पाठ में पढ़ें, हिंदी अनुवाद में समझें, या अंग्रेज़ी ट्रांसलिटरेशन के ज़रिए उच्चारण सीखें भाव हर भाषा में एक जैसा ही स्पर्श करता है। भाई सरबजीत सिंह जी जैसे रागियों की धीमी, ध्यानपूर्ण प्रस्तुति हो या हरनीत सिंह सेठी जैसे समकालीन कलाकारों का आधुनिक अंदाज़, हर संस्करण अपने ढंग से इस शबद की आत्मा को जीवित रखता है।

    अगर आप इस शबद को अपने नित्नेम या रोज़ की भक्ति में शामिल करना चाहते हैं, तो सबसे अच्छा तरीका यही है कि पहले अर्थ को दिल से समझें, फिर बोलों को धीरे-धीरे दोहराएँ, और मूल कीर्तन को सुनकर उसके साथ अपनी आवाज़ मिलाएँ। यही वह तरीका है जिससे यह शबद सिर्फ़ पढ़ा हुआ पाठ नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका बन जाता है।

    ? अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

    1. Sukh Tera Dita Lahiye किसकी रचना है?

    यह शबद गुरु अर्जन देव जी द्वारा रचित है और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंग 749 पर राग सूही में दर्ज है।

    2. Sukh Tera Dita Lahiye किस फ़िल्म या एल्बम का गाना है?

    यह किसी फ़िल्म का गीत नहीं है। यह एक गुरबाणी शबद है जिसे अलग-अलग रागियों ने अपने-अपने कीर्तन एल्बम में रिकॉर्ड किया है, जैसे भाई सरबजीत सिंह जी पटना साहिब वाले का “Sukh Tera Ditta Lahiye” एल्बम।

    3. Sukh Tera Dita Lahiye Lyrics In Hindi कहाँ मिल सकते हैं?

    पूरे बोल ऊपर हिंदी देवनागरी लिपि में दिए गए हैं, साथ ही गुरमुखी मूल पाठ और अंग्रेज़ी ट्रांसलिटरेशन भी शामिल है।

    4. इस शबद का मुख्य संदेश क्या है?

    मुख्य संदेश है प्रभु की रज़ा में रहना और उसका दिया हुआ हर सुख-दुख सहज भाव से स्वीकार करना। यह पूर्ण समर्पण और शुक्राने की भावना पर आधारित है।

    5. Sukh Tera Dita Lahiye किन मौकों पर गाया जाता है?

    यह शबद अक्सर सुखमनी साहिब पाठ के बाद, अरदास से पहले, या शांति-पाठ (सुख शांति दी अरदास) के दौरान गाया जाता है, क्योंकि इसका भाव सीधे मन की शांति और स्वीकृति से जुड़ा है।

    Read More Lyrics Here :- My Vibe Lyrics

    patna sahib wale sukh tera dita lahiye lyrics shabad sukh tera dita lahiye lyrics sukh tera dita lahiye lyrics sukh tera dita lahiye lyrics download sukh tera dita lahiye lyrics download mp3 sukh tera dita lahiye lyrics english sukh tera dita lahiye lyrics in english sukh tera dita lahiye lyrics in gurmukhi sukh tera dita lahiye lyrics in hindi sukh tera dita lahiye lyrics in hindi translation sukh tera dita lahiye lyrics in punjabi sukh tera dita lahiye lyrics in punjabi download mp3 sukh tera dita lahiye lyrics meaning sukh tera dita lahiye lyrics meaning in hindi sukh tera dita lahiye lyrics mp3 download sukh tera dita lahiye lyrics nirvair khalsa jatha sukh tera dita lahiye lyrics pdf sukh tera dita lahiye lyrics translation sukh tera dita lahiye lyrics translation in hindi sukh tera dita lahiye lyrics with meaning
    Previous ArticleSawali Surat PE Mohan Lyrics: वो भजन जो हर कृष्ण भक्त के दिल को छू लेता है
    Next Article Mann Bharya Lyrics — गाने की पूरी कहानी, भावनाएं और असली मायने
    Ajay

    Our platform is a trusted and verified source for patriotic songs, devotional bhajans, classic old Hindi songs, and Punjabi lyrics. We present the lyrics of every song in their original and authentic form—along with their meaning, history, and significance. Music is not just something to be listened to; it is also something to be understood.

    Related Posts

    Devotional

    Vrindavan Pyaro Vrindavan Lyrics: इंद्रेश उपाध्याय जी का यह भजन दिल को छू लेता है

    September 29, 2026
    Devotional

    Mustafa Jane Rehmat Pe Lakhon Salam Lyrics: Meaning, History & Full Text

    September 22, 2026
    Devotional

    Kirtan Ki Hai Raat Lyrics — कीर्तन की है रात भजन गीत, पूरी जानकारी, अर्थ और भक्ति भाव

    September 14, 2026
    Latest Post
    Hindi

    Luk Chup Na Jao Ji Lyrics: The Playful Folk Song Everyone Hums After One Listen

    AjayOctober 1, 2026
    Devotional

    Vrindavan Pyaro Vrindavan Lyrics: इंद्रेश उपाध्याय जी का यह भजन दिल को छू लेता है

    AjaySeptember 29, 2026
    Hindi

    TUM Kyu Chale Aate Ho Lyrics – Vicky Singh’s Soulful Cover of a Timeless Romance

    AjaySeptember 25, 2026
    Devotional

    Mustafa Jane Rehmat Pe Lakhon Salam Lyrics: Meaning, History & Full Text

    AjaySeptember 22, 2026
    Old Songs

    Dekha Ek Khwaab Lyrics: The Dreamy Silsila Duet That Still Feels Like Falling In Love

    AjaySeptember 18, 2026

    Maanwin
    Daman Game
    © 2026 All Right Reserved By Purelyricflow.com.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.